श्री मणिभद्रवीर दादा आरती

श्री मणिभद्रवीर दादा आरती

श्री मणिभद्रवीर दादा आरती 1080 1080 ManiBhadra Samadhan

जय जय निधि, जय माणिक देवा,
जय माणिक देवा,हरिहर ब्रह्म पुरंदर,

करता तुज सेवा, जयदेव जयदेव. 
तू वीराधिवीरा, तू वांछित दाता,
तू वांछित दाता.माता-पिता सहोदर स्वामी,
छो प्रभु जगतत्रा. जयदेव जयदेव. 

हरि करी बंधन उदधि, फनिधर अरिअनला
,ऐ तुज नामें नासे, साते भय सबाला. जयदेव जयदेव. 

डाक त्रिशूल फूलमाला, पाशांकुश छाजे,
एक कर दानव मस्तक, एम षट भुजराजे.
जयदेव जयदेव. 

तु भैरव तू किंनर, तु जग महा दिवो तु जग महा दिवो,
काम कल्पतरु धनु, तु प्रभु चिरंजिवो. जयदेव जयदेव. 

तपगच्छपति सूरी ध्यावे तुज ध्यानं, माणिभद्र भद्रांकर,
आशा विसरामं, जयदेव जयदेव. 

सावंत अठारसें पासंठ, श्री माधव मास.
दीप विजय कविरायनी, पुरो सर्व आश. जयदेव जयदेव.

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